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ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए

09 दिसम्बर
सभ्यता की मांग है शिक्षा संस्कार की।
विवेक से पाई यह विद्या पुरस्कार सी।
किन्तु अश्लील दृश्य देखे मेरे देश की पीढी।
गर्त भी इनको लगती विकास की सीढी।
कपडों से कहीं यह पीढी कंगली ना हो जाय।
नाच इनका भी कहीं जंगली ना हो जाय।
इसलिये मैं लिखता नूतनशक्ति के लिए।
ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥
_____________________________
 

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34 responses to “ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए

  1. arvind

    09/12/2010 at 4:54 अपराह्न

    इसलिये मैं लिखता नूतन शक्ति के लिए।ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥…bahut badhiya.

     
  2. ajit gupta

    09/12/2010 at 5:09 अपराह्न

    लिखते रहिए।

     
  3. Tarkeshwar Giri

    09/12/2010 at 5:19 अपराह्न

    Bahut Khub

     
  4. माधव( Madhav)

    09/12/2010 at 5:21 अपराह्न

    i too

     
  5. वन्दना

    09/12/2010 at 5:28 अपराह्न

    सुन्दर अभिव्यक्ति।

     
  6. Kunwar Kusumesh

    09/12/2010 at 5:43 अपराह्न

    पश्चिमीसभ्यता को फैलाने वाले काश इसे पढ़ते और समझते .रियलिटी शोज़ तो भारत की सभ्यता तो तार तार करने पर तुले हैं.सार्थक और सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए आपको साधुवाद

     
  7. सुज्ञ

    09/12/2010 at 6:43 अपराह्न

    अरविन्द जी,अजित गुप्ता जी,तार्केश्वर जी,नन्हा माधव,और वन्दना जी,सराहना प्रोत्साहन के लिये आभार।

     
  8. सुज्ञ

    09/12/2010 at 6:46 अपराह्न

    कुँवर कुसुमेश जी,प्रश्न हमारी जीवन अनुकूल संस्कृति के संरक्षण का है।इस प्रोत्साहक टिप्पणी के लिये आभार आपका।

     
  9. निर्मला कपिला

    09/12/2010 at 7:17 अपराह्न

    इसलिये मैं लिखता नूतन शक्ति के लिए।ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥स्य्ग्य जी आपने मेरे मन की बात कह दी। बहुत अच्छा लिख रहे हैं लिखते रहिये और सार्थक सन्देश देते रहिये।

     
  10. M VERMA

    09/12/2010 at 7:22 अपराह्न

    यकीनन अभिव्यक्ति का सुन्दर साधन है ब्लाग लेखन

     
  11. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    09/12/2010 at 7:31 अपराह्न

    सुज्ञ जी! बहुत ही सुंदर… यदि हर व्यक्ति इस अभिव्यक्ति को समझ ले तो देश सचमुच उतना ही सुंदर हो जाए जितनी आपकी कविता!!

     
  12. सुज्ञ

    09/12/2010 at 7:50 अपराह्न

    निर्मला कपिला जी,एम वर्मा जी,सलिल जी,सार्थक संदेशपरक लिखने को प्रोत्साहन के लिये अनंत आभार!!

     
  13. arganikbhagyoday

    09/12/2010 at 8:34 अपराह्न

    lokatantr jindabad sir !

     
  14. मनोज कुमार

    09/12/2010 at 8:55 अपराह्न

    इस अभिव्यक्ति में एक शालीन संदेश है, जो हम सबको ग्रहण करना चाहिए।

     
  15. फ़िरदौस ख़ान

    09/12/2010 at 9:06 अपराह्न

    इसलिये मैं लिखता नूतनशक्ति के लिए।ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥बहुत ख़ूब… लिखते रहिए…

     
  16. Gourav Agrawal

    09/12/2010 at 9:59 अपराह्न

    सभ्यता की मांग है शिक्षा संस्कार की।विवेक से पाई यह विद्या पुरस्कार सी।सुज्ञ जी, एक दम सही बात कही है हम सब आपके साथ हैं ……. लिखते रहें

     
  17. Gourav Agrawal

    09/12/2010 at 10:00 अपराह्न

    आज हम बताएँगे की किस तरह अध्यात्म के साथ रहते हुए भी वैज्ञानिक बने रह सकते हैं , आज का विषय है …… पुनर्जन्म ………http://my2010ideas.blogspot.com/2010/12/scientific-evidence-reincarnation.htmlआप इस टिपण्णी को हटा सकते हैं ये सिर्फ नए लेख की सूचना देने के लिए है

     
  18. shikha varshney

    09/12/2010 at 10:23 अपराह्न

    इसलिये मैं लिखता नूतन शक्ति के लिए।ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥बहुत खूब ..यही होना चाहिए.लिखते रहिये.

     
  19. राज भाटिय़ा

    09/12/2010 at 10:29 अपराह्न

    बहुत सुंदर बात कही आप ने, काश इसे वो भी पढे जो अपने आप को आधुनिक कहते हे, लेकिन….धन्यवाद

     
  20. VICHAAR SHOONYA

    09/12/2010 at 10:34 अपराह्न

    नन्हीं सी पर बेहतरीन अभिव्यक्ति

     
  21. एस.एम.मासूम

    09/12/2010 at 11:12 अपराह्न

    ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥अति सुंदर

     
  22. सतीश सक्सेना

    09/12/2010 at 11:41 अपराह्न

    और आप अपनी अभिव्यक्ति में सफल हैं भाई जी ! हार्दिक शुभकामनायें

     
  23. डॉ॰ मोनिका शर्मा

    10/12/2010 at 12:19 पूर्वाह्न

    इसलिये मैं लिखता नूतनशक्ति के लिए।ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥इसीलिए हम आपको पढ़ते हैं….. लिखते रहें

     
  24. Kajal Kumar

    10/12/2010 at 12:29 पूर्वाह्न

    वाह जी बहुत सही यही होना भी चाहिये

     
  25. संगीता स्वरुप ( गीत )

    10/12/2010 at 12:46 पूर्वाह्न

    बिलकुल … हम भी इसी लिए लिखते हैं …

     
  26. चैतन्य शर्मा

    10/12/2010 at 1:40 पूर्वाह्न

    अरे ब्लॉग लिखने पर भी कविता…. बहुत अच्छी है…

     
  27. वाणी गीत

    10/12/2010 at 6:38 पूर्वाह्न

    हमारी भी अभिव्यक्ति का ही माध्यम है ब्लॉग लिखना …!

     
  28. अजय कुमार

    10/12/2010 at 7:56 पूर्वाह्न

    सही है ,ब्लाग तो हमारे वैचारिक अभिव्यक्ति का मंच है

     
  29. संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari

    10/12/2010 at 8:03 पूर्वाह्न

    आपकी अभिव्‍यक्ति व इसे प्रस्‍तुत करने का यह माध्‍यम भविष्‍य में कमाल ढ़ाने वाला है, हैप्‍पी ब्‍लॉगिंग एक लोकप्रिय-अतिलोकप्रिय-महालोकप्रिय या वरिष्‍ठ-कनिष्‍ट-गरिष्‍ठ ब्‍लॉगर

     
  30. अमित शर्मा

    10/12/2010 at 10:18 पूर्वाह्न

    बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति …………. प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणादायी

     
  31. सुशील बाकलीवाल

    10/12/2010 at 2:20 अपराह्न

    अभिव्यक्ति की ये प्यास कायम रहे । शुभकामनाएँ…

     
  32. anshumala

    10/12/2010 at 3:24 अपराह्न

    ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥mai bhi isi lie likhati hu bas aise hi ham sab likhate rahe

     
  33. shekhar suman

    10/12/2010 at 4:14 अपराह्न

    मैंने अपना पुराना ब्लॉग खो दिया है..कृपया मेरे नए ब्लॉग को फोलो करें… मेरा नया बसेरा…….

     
  34. पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

    10/12/2010 at 9:50 अपराह्न

    बेहतरीन रचना हंसराज जी…..उत्तम भावाभिव्यक्ति!

     

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