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एक चिट्ठा-चर्चा ऐसी भी… :)

08 जून

‘ब्लॉगशीर्षक’ और उसकी वर्तमान ‘पोस्ट शीर्षक’ में गजब की तुक जम रही है। लिंक पोस्ट पर जाने से पहले एक नज़र अवलोकन करके तो देखिए………………………………











कडुवा सच : इत्तफाकन …

न यह व्यंग्य है न परिहास,  बस पठन-पाठन के बीच कुछ क्षण आनन्द के जुटा लेना मक़सद है।

 

26 responses to “एक चिट्ठा-चर्चा ऐसी भी… :)

  1. राजन

    08/06/2012 at 2:09 अपराह्न

    यह भी खूब रही !

     
  2. Kailash Sharma

    08/06/2012 at 2:25 अपराह्न

    बहुत खूब !

     
  3. वाणी गीत

    08/06/2012 at 2:33 अपराह्न

    व्यंग्य और परिहास है भी तो क्या बुरा है :)… बढ़िया है !

     
  4. प्रवीण पाण्डेय

    08/06/2012 at 3:47 अपराह्न

    बड़े ही स्तरीय सूत्र..

     
  5. रेखा श्रीवास्तव

    08/06/2012 at 3:53 अपराह्न

    बहुत सुंदर प्रस्तुति और अच्छे अच्छे आलेख और काव्य पढ़ाने के लिए शुक्रिया.

     
  6. सदा

    08/06/2012 at 4:02 अपराह्न

    सभी बहुत बढिया .. आभार

     
  7. shikha varshney

    08/06/2012 at 4:12 अपराह्न

    बहुत खूब ..बढ़िया लिंक्स और प्रस्तुति भी शानदार और रोचक.

     
  8. रचना

    08/06/2012 at 5:06 अपराह्न

    badhiyaa

     
  9. veerubhai

    08/06/2012 at 7:28 अपराह्न

    सरसरी निगाह विहंगावलोकन पर भी एक तारतम्य तो है भाई साहब अब एक नजर सूत्रों पर भी डाल लेतें हैं ,सूत्रण तो अच्छा है ही सूत्र भी आकर्षण लिए हैं .शुभ प्रयास भाई साहब .

     
  10. veerubhai

    08/06/2012 at 7:42 अपराह्न

    बेहद उपयोगी और सहज ही अनुकरणीय कब्ज़ नाशक उपाय साथ में किशमिश ,पालक ,सेव ,अलसी खून से चिकनाई निकालने में भी बोनस के रूप में सहायक बन के आगये है . कृपया यहाँ भी पधारें -फिरंगी संस्कृति का रोग है यहप्रजनन अंगों को लगने वाला एक संक्रामक यौन रोग होता है सूजाक .इस यौन रोग गान' रिया(Gonorrhoea) से संक्रमित व्यक्ति से यौन संपर्क स्थापित करने वाले व्यक्ति को भी यह रोग लग जाता है .http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/ram ram bhaiशुक्रवार, 8 जून 2012जादू समुद्री खरपतवार क़ाबृहस्पतिवार, 7 जून 2012कल का ग्रीन फ्यूल होगी समुद्री शैवालhttp://veerubhai1947.blogspot.in/

     
  11. M VERMA

    08/06/2012 at 8:00 अपराह्न

    बहुत खूब निराला अंदाज़

     
  12. संजय @ मो सम कौन ?

    08/06/2012 at 9:24 अपराह्न

    आगाज़ अच्छा है|

     
  13. उदय - uday

    08/06/2012 at 10:01 अपराह्न

    bahut khoob … shaandaar-jaandaar …

     
  14. dheerendra

    08/06/2012 at 10:04 अपराह्न

    बहुत सुंदर निराले अंदाज की प्रस्तुति,,RESENT POST,,,,,फुहार….: प्यार हो गया है ,,,,,,

     
  15. Rahul Singh

    08/06/2012 at 10:17 अपराह्न

    सुज्ञः सु+ज्ञ.

     
  16. shekhar suman.. शेखर सुमन..

    08/06/2012 at 11:19 अपराह्न

    mast…🙂

     
  17. Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

    09/06/2012 at 3:32 पूर्वाह्न

    बहुत अच्छे!

     
  18. सतीश सक्सेना

    09/06/2012 at 9:12 पूर्वाह्न

    यह नजरिया अच्छा लगा :)शुभकामनायें आपको !

     
  19. डॉ॰ मोनिका शर्मा

    09/06/2012 at 9:36 पूर्वाह्न

    बहुत बढ़िया लिनक्स…..

     
  20. महेन्द्र मिश्र

    09/06/2012 at 10:44 पूर्वाह्न

    vah bahut badhiya sugya ji …

     
  21. देवेन्द्र पाण्डेय

    09/06/2012 at 2:51 अपराह्न

    जो भी हो आनंद दायक है।..साधुवाद।

     
  22. Khilesh Bharambe

    10/06/2012 at 5:44 अपराह्न

    बहोत अच्छे Hindi Dunia Blog (New Blog)

     
  23. दिगम्बर नासवा

    11/06/2012 at 1:30 अपराह्न

    लिंक्स तो सभी अच्छे हैं … पढ़ने वाले …

     
  24. expression

    15/06/2012 at 7:15 अपराह्न

    वाह……….बहुत बढ़िया…आपकी पारखी नज़र को मानना पड़ेगा…इसको देख आज के कई ब्लॉग शीर्षक और पोस्ट देख डाले तो ऐसे तुक में हों….:-)सादर.

     
  25. Rakesh Kumar

    06/07/2012 at 8:51 पूर्वाह्न

    न यह व्यंग्य है न परिहास, बस पठन-पाठन के बीच कुछ क्षण आनन्द के जुटा लेना मक़सद है।जी हाँ,आनन्द ही परमानन्द की आधारशिला है.सुन्दर लिंक्स.

     
  26. Udan Tashtari

    11/05/2013 at 9:01 अपराह्न

    🙂

     

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ज्ञानदत्त पाण्डेय का हिन्दी ब्लॉग। मैं यह ब्लॉग लिखने के अलावा गाँव विक्रमपुर, जिला भदोही, उत्तरप्रदेश, भारत में रह कर ग्रामीण जीवन जानने का प्रयास कर रहा हूँ। रेलवे से ज़ोनल रेलवे के विभागाध्यक्ष के पद से रिटायर्ड अफसर।

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