RSS

दीपावली का अवसर: गर्व और कृतज्ञता

01 नवम्बर
क्यों न गर्व करें, इस देवरमणभूमि पर जिस के  कण कण में अहिंसा व्याप्त है,जहां आकर हिंसाप्रधान संस्कृतियाँ भी स्वयं में दया,करूणा व शांति खोज कर उद्धत करने लगती है।जिस पर कितने भी कुसास्कृतिक आक्रमण हुए पर वह अपनी अहिंसा रूपी जडों से पुनः पल्लवित होकर, गुणों को पुनः उपार्जित कर समृद्ध बन जाती है।
क्यों न गर्व करें, इस आर्यभूमि में प्रकटे धर्मों पर,जिनका यहाँ प्रवर्तन हुआ और सहज पल्ल्वित हुए। वे कल भी सुमार्ग दर्शक थे और आज भी अपनी दिव्य उर्जा से सुमार्ग प्रकाशित बन,मानव को इस दुनिया का श्रेष्ठ, सभ्य और सत्कर्मी मनुष्य बनाए हुए है।
क्यों न गर्व करें, उन धर्म-शास्त्रों पर, जिनमें आज भी जगत के सर्वश्रेष्ठ सद्गुण निष्पन्न करने की शाक्ति है। वे आज भी मानव को सभ्य सुसंस्कृत बनाने का सामर्थ्य रखते है। जो प्रकृति के सद्भावपूर्ण उपयोग का मार्गदर्शन करते है,जो मात्र मानव हित ही नहिं बल्कि समस्त जगत की जीवसृष्टि के अनुकूल जीवन-दर्शन को प्रकाशित करते है।
क्यों न गर्व करें, उन सुधारक महापुरूषों पर, जिनकी प्रखर विचारधारा व सत्यपरख नें समय समय धर्म, समाज और संस्कृति में घुस आई विकृतियों को दूर करने के प्रयास किये। कुरितियां दर्शा कर उन्हे दूर कर, हमारे ज्ञान, दर्शन व आचरण को शुद्ध करते रहे।
सत्य धर्म सदैव हमें सद्गुण सुसंस्कार और सभ्य-जीवन की प्रेरणा देते रहे हैं। असंयम (बुराईयों) के प्रति हमारे अंतरमन में अरूचि अरति पैदा करते रहे हैं। आज हम जो भी सभ्य होने का श्रेय ले रहे है, इन्ही सद्विचारों की देन है। धर्म के प्रति मै तो सदैव कृतज्ञ रहुंगा।
दीपावली की शुभकामनाओं से पहले, देश, धर्म, समाज और संस्कारों के प्रति आभार प्रेषित करना मेरा कर्तव्य है।
उतरोत्तर, मनुष्य जन्म, आर्यक्षेत्र और धर्मश्रवण दुर्लभ है, मै तो कृतज्ञ हूँ, आप………?
________________________________________________
 

टैग: ,

10 responses to “दीपावली का अवसर: गर्व और कृतज्ञता

  1. संगीता स्वरुप ( गीत )

    01/11/2010 at 7:06 अपराह्न

    कृतज्ञ हूँ …दीवाली की शुभकामनायें

     
  2. deepak saini

    01/11/2010 at 7:25 अपराह्न

    हमे गर्व है कि हम भारतीय है दिपावली की हृादिक शुभकामनाये।

     
  3. भारतीय नागरिक - Indian Citizen

    01/11/2010 at 7:51 अपराह्न

    उच्च भारतीय परम्परा के सभी निर्वहकों को नमन…

     
  4. M VERMA

    01/11/2010 at 7:58 अपराह्न

    यकीनन गर्व करने के अनेक कारण तो हैं ही

     
  5. Gourav Agrawal

    01/11/2010 at 9:05 अपराह्न

    @सुज्ञ जीशुभ दीपावलीआज तो दिल खुश हो गयाक्यों ना करें गर्व उस महान संस्कृति पर जो आज भी अमर है और सभी सुमेरियन, असीरियन, बेबीलोनियन , मिस्र ईरान, यूनान ,रोम की संस्कृतियाँ अब सिर्फ अजायब घरों में ही मिलती हैं

     
  6. मनोज कुमार

    01/11/2010 at 9:56 अपराह्न

    हम भी आपसे एक मत हैं। शुभ दीपावली।

     
  7. एस.एम.मासूम

    01/11/2010 at 11:30 अपराह्न

    आप सबको दिवाली की शुभ कामनाएं  आज आवश्यकता है यह विचार करने की के हम हैं कौन?

     
  8. ZEAL

    02/11/2010 at 2:08 अपराह्न

    .आपसे अक्षर्तः सहमत हूँ। बहुत से कारण हैं गर्व करने को। मैं भी कृतज्ञ हूँ। .

     
  9. mahendra verma

    02/11/2010 at 6:46 अपराह्न

    सचमुच, हमें अपनी सभ्यता और संस्कृति पर गर्व है…सुंदर आलेख के लिए बधाई।

     
  10. पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

    02/11/2010 at 10:30 अपराह्न

    परमेश्वर की इस श्रेष्ठ कृति मानव को सदैव श्रेष्ठता के उन्नत शिखर पर स्थिर रहने का मार्गदर्शन करने वाली हे भारतीय संस्कृति तूँ महान है….

     

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
गहराना

विचार वेदना की गहराई

॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

तिरछी नजरिया

हितेन्द्र अनंत का दृष्टिकोण

मल्हार Malhar

पुरातत्व, मुद्राशास्त्र, इतिहास, यात्रा आदि पर Archaeology, Numismatics, History, Travel and so on

मानसिक हलचल

ज्ञानदत्त पाण्डेय का हिन्दी ब्लॉग। मैं यह ब्लॉग लिखने के अलावा गाँव विक्रमपुर, जिला भदोही, उत्तरप्रदेश, भारत में रह कर ग्रामीण जीवन जानने का प्रयास कर रहा हूँ। रेलवे से ज़ोनल रेलवे के विभागाध्यक्ष के पद से रिटायर्ड अफसर।

सुज्ञ

चरित्र विकास

Support

WordPress.com Support

Hindizen - हिंदीज़ेन

Hindizen - हिंदीज़ेन : Best Hindi Motivational Stories, Anecdotes, Articles...

The WordPress.com Blog

The latest news on WordPress.com and the WordPress community.

%d bloggers like this: