RSS

श्रेष्ठ खानदान है हमारा………

28 अक्टूबर

खाते है जहाँ गम सभी, नहिं जहाँ पर क्लेश।

निर्मल गंगा बह रही, प्रेम की  जहाँ विशेष॥

हिं व्यसन-वृति कोई, खान-पान विवेक।
सोए-जागे समय पर, करे कमाई नेक॥

दाता जिस घर में सभी, निंदक नहिं नर-नार।
अतिथि का आदर करे, सात्विक सद्व्यवहार॥

मन गुणीजनों को करे, दुखीजन के दुख दूर।
स्वावलम्बन समृद्धि धरे, हर्षित रहे भरपूर॥
____________________________________________
 

टैग: ,

15 responses to “श्रेष्ठ खानदान है हमारा………

  1. सम्वेदना के स्वर

    28/10/2010 at 9:49 अपराह्न

    एक आदर्श कुटुम्ब!!

     
  2. पलाश

    28/10/2010 at 10:19 अपराह्न

    सटीक परिभाषा !

     
  3. फ़िरदौस ख़ान

    28/10/2010 at 10:40 अपराह्न

    नमन गुणीजनों को करे, दुखीजन के दुख दूर।स्वावलम्बन समृद्धि धरे, हर्षित रहे भरपूर॥सुन्दर अभिव्यक्ति…

     
  4. Patali-The-Village

    28/10/2010 at 10:40 अपराह्न

    आदर्श कुटुम्ब!

     
  5. मनोज कुमार

    28/10/2010 at 10:50 अपराह्न

    स्नेह. शांति, सुख, सदा ही करते वहां निवासनिष्ठा जिस घर मां बने, पिता बने विश्वास। बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!विचार-नाकमयाबी

     
  6. दीर्घतमा

    28/10/2010 at 10:59 अपराह्न

    दाता जिस घर में सभी— निंदक नहीं नर-नार –बहुत समृद्ध शाली कबिता भारतीयता पर आधारित बहुत सुन्दर

     
  7. संगीता स्वरुप ( गीत )

    28/10/2010 at 11:54 अपराह्न

    बहुत सुन्दर है घर का यह परिवेश सच है कि ऐसा खानदान है विशेष ….अच्छी प्रस्तुति

     
  8. Gourav Agrawal

    29/10/2010 at 6:49 पूर्वाह्न

    @सुज्ञ जीबेहद सुन्दर परिभाषा है

     
  9. M VERMA

    29/10/2010 at 7:29 पूर्वाह्न

    सुन्दर .. बहुत सुन्दर

     
  10. arvind

    29/10/2010 at 2:41 अपराह्न

    sundar our satik….

     
  11. Tarkeshwar Giri

    29/10/2010 at 2:43 अपराह्न

    Bahut Khub…………… Mubarak Ho

     
  12. एस.एम.मासूम

    29/10/2010 at 5:07 अपराह्न

    ऐसे सुंदर खानदान को नमन

     
  13. dhiru singh {धीरू सिंह}

    29/10/2010 at 7:05 अपराह्न

    सुन्दर व्याख्या खानदान की

     

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
गहराना

विचार वेदना की गहराई

॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

तिरछी नजरिया

हितेन्द्र अनंत का दृष्टिकोण

मल्हार Malhar

पुरातत्व, मुद्राशास्त्र, इतिहास, यात्रा आदि पर Archaeology, Numismatics, History, Travel and so on

मानसिक हलचल

ज्ञानदत्त पाण्डेय का हिन्दी ब्लॉग। मैं यह ब्लॉग लिखने के अलावा गाँव विक्रमपुर, जिला भदोही, उत्तरप्रदेश, भारत में रह कर ग्रामीण जीवन जानने का प्रयास कर रहा हूँ। रेलवे से ज़ोनल रेलवे के विभागाध्यक्ष के पद से रिटायर्ड अफसर।

सुज्ञ

चरित्र विकास

Support

WordPress.com Support

Hindizen - हिंदीज़ेन

Hindizen - हिंदीज़ेन : Best Hindi Motivational Stories, Anecdotes, Articles...

The WordPress.com Blog

The latest news on WordPress.com and the WordPress community.

%d bloggers like this: