RSS

नम्रता

16 अक्टूबर
भवन्ति नम्रास्तरवः फ़लोदगमैर्नवाम्बुभिर्भूमिविलम्बिनो घना:।
अनुद्धता  सत्पुरुषा: समृद्धिभिः  स्वभाव एवैष परोपकारिणम्॥
________________________________________________

– जैसे फ़ल लगने पर वृक्ष नम्र हो जाते है,जल से भरे मेघ भूमि की ओर झुक जाते है, उसी प्रकार सत्पुरुष  समृद्धि पाकर नम्र हो जाते है, परोपकारियों का स्वभाव ही ऐसा होता है।
__________________________________________________

 

टैग: , , , ,

5 responses to “नम्रता

  1. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    16/10/2010 at 8:47 अपराह्न

    हंस राज जी… एक बहुत पुराना शेर है, जो बिल्कुल आपकी बात को बल देता हैःआप से झुक के जो मिलता होगा,उसका क़द आपसे ऊँचा होगा.कोई भी झुकने से छोटा नहीं होता, यह उसके बड़प्पन की निशानी है!! आपको तथा आपके परिवार को दशहरे की शुभकामनाएँ!!!

     
  2. abhishek1502

    16/10/2010 at 9:40 अपराह्न

    सत्य वचन ,दशहरा की आप और आप के परिवार को मेरी ओर से हार्दिक शुभ कामनाये

     
  3. दीर्घतमा

    16/10/2010 at 11:10 अपराह्न

    विजय दशमी पर हार्दिक शुभकामनाये, समय पर एक अच्छा सुभाषित.

     
  4. S.M.MAsum

    17/10/2010 at 3:05 अपराह्न

    आप सब को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीकात्मक त्योहार दशहरा की शुभकामनाएं. आज आवश्यकता है , आम इंसान को ज्ञान की, जिस से वो; झाड़-फूँक, जादू टोना ,तंत्र-मंत्र, और भूतप्रेत जैसे अन्धविश्वास से भी बाहर आ सके. तभी बुराई पे अच्छाई की विजय संभव है.

     
  5. दिगम्बर नासवा

    25/10/2010 at 2:04 अपराह्न

    सत्य वचन ….

     

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
गहराना

विचार वेदना की गहराई

॥दस्तक॥

गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं

तिरछी नजरिया

हितेन्द्र अनंत का दृष्टिकोण

मल्हार Malhar

पुरातत्व, मुद्राशास्त्र, इतिहास, यात्रा आदि पर Archaeology, Numismatics, History, Travel and so on

मानसिक हलचल

ज्ञानदत्त पाण्डेय का हिन्दी ब्लॉग। मैं यह ब्लॉग लिखने के अलावा गाँव विक्रमपुर, जिला भदोही, उत्तरप्रदेश, भारत में रह कर ग्रामीण जीवन जानने का प्रयास कर रहा हूँ। रेलवे से ज़ोनल रेलवे के विभागाध्यक्ष के पद से रिटायर्ड अफसर।

सुज्ञ

चरित्र विकास

Support

WordPress.com Support

Hindizen - हिंदीज़ेन

Hindizen - हिंदीज़ेन : Best Hindi Motivational Stories, Anecdotes, Articles...

The WordPress.com Blog

The latest news on WordPress.com and the WordPress community.

%d bloggers like this: