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तीन की करामत!!

01 सितम्बर
तीन निकल वापस नहिं लौटते
  •  बंदूक से गोली
  •  मुहं से बोली
  •  तन से प्राण

तीन सदा स्मरण रहे

  •  कर्ज़
  •  फ़र्ज़
  •  मर्ज़

तीनों का सम्मान करें

  • माता
  • पिता
  • गुरू

तीन को कभी छोटा न समझो

  • कर्ज़
  • शत्रु
  • बीमारी

तीन को कोई चुरा नहिं सकता

  • ज्ञान
  • कौशल
  • अक्ल

तीनों को वश में रखें

  •  मन
  •  काम
  •  क्रोध

तीन प्रतिक्षा नहिं करते

  •  समय
  • ग्राहक
  • मौत

तीन जीवन उपचार

  •  कम खाना
  •  गम खाना
  •  नम जाना
 

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11 responses to “तीन की करामत!!

  1. माधव

    01/09/2010 at 5:26 अपराह्न

    real knowledge

     
  2. Majaal

    01/09/2010 at 5:52 अपराह्न

    'तीन तिगाड़ा , काम बिगाड़ा' वाला दर्शन तो खतरे में मालूम पड़ता है !

     
  3. ओशो रजनीश

    01/09/2010 at 5:52 अपराह्न

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई ।- ….कृपया एक बार पढ़कर टिपण्णी अवश्य दे(आकाश से उत्पन्न किया जा सकता है गेहू ?!!)http://oshotheone.blogspot.com/

     
  4. Virendra Singh Chauhan

    01/09/2010 at 6:01 अपराह्न

    सुज्ञ ji..Apko श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई Saath hi is vehad GYAANBHARDHAK post ke liye aapko badhaai.

     
  5. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    01/09/2010 at 7:44 अपराह्न

    छोटा थे तब पढते थे ई सब..तब बहुत अच्छा लगता था..आज आप याद दिला दिए..

     
  6. Mahak

    01/09/2010 at 11:06 अपराह्न

    ये तो बहुत ही कमाल की और सच्ची जानकारियाँ दी आपने,एक बार शंकर जी के प्रस्ताव पर संसद का निर्णय आ जाए फिर इतनी सुन्दर पोस्ट को ब्लॉग संसद पर भी अवश्य डालें ये मेरा आपसे निवेदन है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन उम्दा और जीवन की सच्चाइयों से भरे विचारों से अवगत हों आभार महक

     
  7. Babli

    02/09/2010 at 9:20 पूर्वाह्न

    आपको एवं आपके परिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें ! बहुत ही बढ़िया और ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त हुई! धन्यवाद!

     
  8. दीर्घतमा

    02/09/2010 at 12:12 अपराह्न

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर हार्दिक बधाई — अपने अभूत अच्छी जानकारी दी जो भारत की आत्मा पुकारती है बहुत-बहुत धन्यवाद.

     
  9. mridula pradhan

    08/09/2010 at 11:22 अपराह्न

    bahut achcha hai.

     
  10. संजय भास्कर

    19/09/2010 at 1:12 अपराह्न

    ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त हुई!

     

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ज्ञानदत्त पाण्डेय का हिन्दी ब्लॉग। मैं यह ब्लॉग लिखने के अलावा गाँव विक्रमपुर, जिला भदोही, उत्तरप्रदेश, भारत में रह कर ग्रामीण जीवन जानने का प्रयास कर रहा हूँ। रेलवे से ज़ोनल रेलवे के विभागाध्यक्ष के पद से रिटायर्ड अफसर।

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